बीकानेर, 15 मार्च। जस्सूसर गेट के बाहर प्राचीन लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर में रविवार को लगातार तीसरे वर्ष गणगौर-ईसर पूजा उत्सव हुआ। इसमें बड़ी संख्या में बालिकाएं व महिलाएं बेशकीमती आभूषणों व कपड़ों से श्रृंगारित प्रतिमाएं लेकर मंदिर पहुंची। मंदिर में उन्होंने गीत गाए तथा नृत्य के साथ देवी पार्वती के गणगौर तथा महादेव के स्वरूप् ईसरजी की पूजा वंदना की।
पूर्व पार्षद श्याम चांडक ने बताया कि पंडित पुरुषोतम व्यास मीमांशक के सान्निध्य में हुए उत्सव में 265 गणगौरों का मंदिर समिति की ओर से खोळ भरा गया। पंडित व्यास ने गणगौर पूजा के महत्व को बताया। उत्सव के दौरान मंदिर व उसके बार महिलाओं व बालिकाओं की खचाखच भीड़ थी। बालिकाओं व महिलाओं ने पारम्परिक के साथ आधुनिक तर्जों पर आधारित गणगौर गीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी।
