बीकानेर। राष्ट्रीय कवि चौपाल में सदस्य गण व पदाधिकारियों ने साहित्य मित्रों संग राष्ट्रीय कवि चौपाल की 555 वीं कड़ी संयोगवश रविवार को महाशिवरात्रि भी थी.. अत: महोत्सव की तरह मनाया। कार्यक्रम में विशिष्ट आध्यात्म सान्निध्य दंडी स्वामी ब्रह्मा श्रम जी महाराज श्री का मिला कार्यक्रम की अध्यक्षता में शकूर बीकाणवी, मुख्य अतिथि में शिव प्रकाश दाधिच बीकानेरी विशिष्ट अतिथि में शिव प्रकाश शर्मा आदि मंचासीन हुए।
कार्यक्रम शुभारंभ करते हुए रामेश्वर साधक ने स्व बौद्धिक में बताया कि शिव शब्द सामान्य नहीं… अगर शिव से यथार्थ परिचय हो गया… तो यह तय मानों जीवन में कुछ भी जानना शेष नहीं अर्थात शव (भक्ति, ज्ञान, वैराग्य से च्यूत) से शिव बनने का अवसर शिवरात्रि … तत्व से जुड़ने का अनूठा अवसर है।
दंडी स्वामी ब्रह्मा श्रम जी महाराज श्री ने आध्यात्म संदेश में कहा कि अपने अपने अधिकार से, व्यवहार इमानदारी पूर्वक करते हुए परमार्थ को प्राप्त करना चाहिए, जगत संकल्प मय है, कोविंद तत्वदर्शी परमात्मा और जीव की एकता का अनुभव करना चाहिए, कार्यक्रम अध्यक्ष शकूर बीकाणवी : शिव मेडी़ माई जाऊं जीवन सफल बनाउं.. शिव आवैला मेडी़ में अंग भभूत लगाउं
आज के मुख्य अतिथि शिव प्रकाश दाधिच बीकानेरी ने काव्य धारा में अपनी आध्यात्म विचारों में कहा.. हम ऋषि मुनियों की है संतानें, सत्य सनातन जीते हैं। हम तो प्रेम स्नेह के है रखवाले बस मीठे बोल बोलते हैं। दिल में अरमान देश के, गीत वतन के गाते हैं।
.. प्रमोद कुमार शर्मा : कोविंद तत्वदर्शी परमात्मा और जीव की एकता का अनुभव करें
हम ऋषि मुनियों की है संतानें, सत्य सनातन जीते हैं..
शिव आवैला मेडी़ में अंग भभूत लगाउं
नर भी पूज लूं और नारायण भी, पर नर में कोई नारायण तो �
